स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया फर्जीवाड़ा

शनिवार, 16 जनवरी 2010

छत्तीसगढ़ में मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए विश्व बैंक से मिले 12 करोड़ रुपयों का गुलगपाड़ा करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों पर सी बी आई ने अपना शिकंजा कस दिया है| इस मामले में पिछले कई दिनों से राज्य में डेरा डाले हुए सी बी आई की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अनेक अफसरों से पूछताछ करने के बाद विधिवत अब उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है| कथित घपले की साजिश रचने के लिए धमतरी के एक दवा विक्रेता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है|

सी बी आई सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन संचालक डा. दिलीप सेन, प्रभारी संचालक डा. बी एस सारवा, भण्डार लिपिक सुन्दर लाल पटेल समेत मधु इंटरप्राइजेस के संचालक नितिन आहूजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है और इस मामले से सी बी आई की स्थानीय अदालत को भी अवगत करा दिया गया है| कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं| कल इस मामले में कई जगहों पर एक साथ छापे मारे गए थे| सी बी आई ने इस मामले में संदेह की गिरफ्त में आए नचलानी परिवार के कई लोगों के बयान भी दर्ज किये हैं|

इस मामले की पिछले कई महीनों से छत्तीसगढ़ में गूँज रही है| इस मामले में सी बी आई की लपेट में आए सारवा एक अन्य घोटाले में भी आरोपी हैं और फिलहाल जेल में हैं| उन पर आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में उन्होंने कलर डोपलर मशीनों की खरीद में घपला किया और जापान से उपकरण मंगाने की बजाय चीन से मंगा लिए|
सी बी आई जिस मामले की ताजा जांच कर रही है वो यह है कि स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों ने फर्जीवाड़ा करके मलेरिया जांच किट को कागजों पर ही खरीद लिया और मिलजुल कर बोगस बिल पास करा लिए|
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