पत्रकारों के पत्रकार थे रमेश नैयर जी

सोमवार, 9 जनवरी 2023

#रमेश शर्मा

दरणीय रमेश नैयर जी ने लोक की यात्रा पूरी कर ली और देवलोक को गमन कर गए हैं लेकिन उनकी यादें हमेशा जीवंत प्रकाशित रहेंगी। हमारे दिलों में वे सदा रहेंगे।

स्व. रमेश नैयर ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी पत्रकारिता के प्रतिमान स्थापित किये। वे अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से नयी पीढ़ी के #पत्रकारों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
बताने की जरूरत नहीं, वे पत्रकारों के पत्रकार थे संपादकों के #संपादक थे और अर्ध शताब्दी से उनका नाम चमकता रहा है।

नैयर जी उस पीढी से थे जिसने हमेशा सत्य का साथ दिया। वह हमेशा सत्य पर अडिग रहे।
#मुख्यमंत्री  #भूपेशबघेल  ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि स्व. नैयरजी ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी पत्रकारिता के प्रतिमान स्थापित किये हैं। वे अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से नयी पीढ़ी के पत्रकारों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
नैयर जी का जीवन सादगी से भरा हुआ था जब परिवार के साथ वक्त देते थे लेकिन समाज के लिए भी समर्पित थे उनको अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया। उनके निधन की सूचना से पूरे पत्रकार जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गई।
सम्मान का कोई भी मंच हो नैयर जी की जगह सुरक्षित थी। विमोचन हो या पुरस्कार वितरण तक।
नैयर सर से जुड़े अनेक संस्मरण हैं। वे नौजवानों को प्रोत्साहित करने वाले सम्पादक थे। उनके अपने स्थापित मानदंड थे जिन पर वे उम्र भर कायम रहे l मां सरस्वती उनके कंठ में विराजमान रहती थी और जब वे दिल से लिखते थे तो जमाना गौर से पढ़ता था।
प्रिंट मीडिया से बेशक नैयर जी ने शुरुआत की थी लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी वे सिद्धहस्त वक्ता थे।
आशावाद और उम्मीद नैयर जी की पत्रकारिता के केंद्र बिंदु थे  उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे दो टूक समीक्षक थे।

जब #करोना_वायरस  फैला तो नैयर जी भी महामारी के खिलाफ डीपीआर छत्तीसगढ़ द्वारा शुरू किए गए जन जागरूकता अभियान में सीना तान कर समाज को #जागरूक  बनाने आगे आए।
वे  पत्रकारिता जगत के सिद्धहस्त पुरोधा और प्रकाशमान नक्षत्र थे।समाज सेवा में भी अग्रणी थे।

उनकी #कलम  की धार बहुत पैनी थी और उस कलम में एक सजग नागरिक सजग पत्रकार सर्जक संपादक सर्जक समाजसेवी नजर आता था।

विचार कभी नही मरते। उनका यूं जाना शोक का इसलिए कारण नहीं, क्योंकि वे वे पंच महाभूत में विलीन हुए हैं, देह से मुक्त हुए हैं, विचारों में लेखों में सदा अमर रहेंगे।

रमेश नैय्यर का जाना पत्रकारिता में बौद्धिक खालीपन उत्पन्न करेगा। मगर वो पत्रकारिता जगत के ध्रुव सितारे हैं। उनकी  प्रेरणा कई युवाओं को दिशानिर्देशित करेगी।
वे सदैव हम सबके बीच में नहीं हैं लेकिन उनके विचार आने वाले कई वर्षों तक हम सब पत्रकारों को अनुप्राणित करते रहेंगे।
रमेश नैयर जी मूल्यों के पक्षधर थे। उन्होंने मीडिया में यह बात अपने तइ स्थापित की कि हमेशा सच के साथ चलो और वे जीवनभर सच के मूल्यों के प्रहरी बने रहे।
आदरणीय रमेश नैयर जी हम सब पत्रकारों के प्रेरणा स्रोत रहे हैं।
उनको मेरा शत-शत नमन

You tube story के लिए click करें

https://youtu.be/ZJIvrfH0S7Q


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